अरबी वर्णमाला

अरबी वर्णमाला दाएँ से बाएँ लिखी जाती है और इसमें 28 मूल अक्षर हैं। शब्द में अक्षर की स्थिति के अनुसार उसका रूप बदलता है।

28 अक्षर · दाएँ से बाएँ · अरबी-भाषी क्षेत्रों में प्रचलित

Alef

ā · /aː/

Beh

b · /b/

Teh

t · /t/

Theh

th · /θ/

Jeem

j · /dʒ/

Hah

ḥ · /ħ/

Khah

kh · /x/

Dal

d · /d/

Thal

dh · /ð/

Reh

r · /r/

Zain

z · /z/

Seen

s · /s/

Sheen

sh · /ʃ/

Sad

ṣ · /sˤ/

Dad

ḍ · /dˤ/

Tah

ṭ · /tˤ/

Zah

ẓ · /ðˤ/

Ain

ʿ · /ʕ/

Ghain

gh · /ɣ/

Feh

f · /f/

Qaf

q · /q/

Kaf

k · /k/

Lam

l · /l/

Meem

m · /m/

Noon

n · /n/

Heh

h · /h/

Waw

w / ū · /w/ or /uː/

Yeh

y / ī · /j/ or /iː/

इतिहास

अरबी वर्णमाला अरामी लिपि के नबातियन रूप से विकसित हुई। अरबी अक्षरों के पहचाने जाने योग्य रूप ईस्वी की शुरुआती शताब्दियों में दिखाई देते हैं और 7वीं शताब्दी से अरबी भाषा तथा इस्लाम के प्रसार के साथ यह लिपि व्यापक रूप से स्थापित हुई।

यह वर्णमाला व्यंजन और दीर्घ स्वर दर्शाती है, जबकि ह्रस्व स्वर आम तौर पर ज़रूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्वर-चिह्नों से लिखे जाते हैं। अधिकांश अक्षर पास के अक्षरों से जुड़ते हैं और संदर्भ के अनुसार रूप बदलते हैं, लेकिन उनका मूल Unicode वर्ण नहीं बदलता।

स्रोत

अक्षरों का क्रम और रूप Unicode के अनुसार हैं; नाम, लिप्यंतरण और ध्वनियाँ आधुनिक मानक अरबी पर आधारित हैं।